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Are you a student of Class 9 to 12?
Are you prepared to immerse yourself in a unique and immersive learning experience?
Then read on!!!!
Picture a journey that transcends the boundaries of conventional education, a journey that ignites your curiosity and leads you along a captivating path of exploration. This path begins in the heart of Vadnagar, a small town nestled in the Mehsana district of Gujarat, India. Here lies a historic institution that dates to 1888, where a remarkable transformation is set to unfold. The institution is Prerana: The Experiential Learning School, where history will meet innovation, and tradition is seamlessly woven into a future-focused educational experience.
Importance and Implication of the Prerana
The Prerana stands as a tribute to Vadnagar's indomitable spirit, a living city that has triumphed over challenges like earthquakes and natural calamities. The revival of this school stands as a testament to the fact that even the most extraordinary lives are built upon ordinary foundations. Its essence lies not only in the present but also in the ancient knowledge system which will reinforce the value system, creating experiences that can be replicated and adapted to inspire learners far beyond its walls.
Prerana will be first such school, providing an experience due to its innovative and engaging curriculum which is a novel idea, and unlike traditional teaching, a pioneering concept acknowledging the fact that true education extends beyond textbooks and classrooms.
Nine Themed Classrooms
At the heart of this curriculum is the philosophy of value-based education which is a cornerstone of the NEP 2020. The Prerana will allow students to experience and internalize these values through the latest technology and hands-on activities, through a one-week program. The classrooms will be based on nine themes that provide unique avenues for joyful and meaningful learning through activity-based learning. The themes around which Prerana is founded are the values which are the hallmark of great and true leaders.
The 9 themes will be spread across 8 classrooms. The themes are:
• Swabhiman and Vinay
• Shaurya and Sahas
• Parishram and Samarpan
• Karuna and Sewa
• Vividhta and Ekta
• Satyanishtha and Shuchita
• Navachar and Jigyasa
• Shraddha and Vishwas
• Swatantrata and Kartavya
The participants will also visit archaeological and historical sites that make Vadnagar unique. As participants from various corners of the country converge here, the cultural exchange becomes an invaluable aspect of the experience helping the participants gain insights into the living traditions of other states that shape our nation.
In addition to excursions to archaeological and heritage sites, other diverse activities are also planned that will encompass various modes of learning all under the expert guidance of selected mentors ensuring a holistic learning journey. The students will also understand the growth and glory of the country from ancient Indian civilisation right up to transforming into one of the top 5 economies and landing of Chandrayan on Moon.
Prerana isn’t just about dissemination of knowledge; it fosters a profound sense of self-discovery. Rooted in the timeless wisdom of India's rich civilisation, this unique initiative embodies a vision harmonising with the principles and ideals emblematic of our Hon’ble Prime Minister Narendra Modi. As we embark towards this programme, we are driven by a steadfast dedication to inculcate values intricately woven into the fabric of the Indian education system—values that have endured the test of time and make effective leaders.
Why Should Students Apply to Be a Part of the Prerana
At Prerana , individuals will be nurtured to become not only critical thinkers but also learn about decision making and team building. They will walk alongside the lives of real-life heroes who have exemplified these virtues, discovering how their choices transformed the country and the world. By the time they complete the one-week Prerana programme, they won't just hold a certificate; they'll wield the power to make a positive impact wherever they go.
After attending the programme and gaining from the diverse inputs, they would go back to their schools and become advocates and ambassadors of the values and experiences imbibed at Prerana . These students will carry the ethos of Prerana into their respective communities, become changemakers and spark positive change and inspire others.
The selection of participants will be executed following an easy three-stage process, detailed under the "Selection of Participants" section. This selection process will prioritise students from Class 9 to 12, with well-rounded personalities, driven by a deep passion and unwavering enthusiasm for shaping the future of our nation. The students will be accompanied with a guardian teacher from the same district.

Come, Register on the portal, join the programme, and experience yourself.
क्या आप कक्षा 9 से 12 के छात्र हैं?
क्या आप एक विशिष्ट और रोमांचक सीखने के अनुभव के लिए तैयार हैं?
तो आगें पढ़िये!!!!
एक ऐसी यात्रा की कल्पना करें जो पारंपरिक शिक्षा की सीमाओं को पार करती है, एक ऐसी यात्रा जो आपकी जिज्ञासा को प्रज्वलित करती है और आपको अन्वेषण के एक अनोखे मार्ग पर ले जाती है। यह सफर भारत के गुजरात के मेहसाणा जिले में स्थित एक छोटे से शहर वडनगर से शुरू होता है। यहां सन् 1888 में स्थापित एक ऐतिहासिक संस्थान है, जहां एक उल्लेखनीय परिवर्तन सामने आ रहा है। यह संस्थान प्रेरणा है, जहां इतिहास का नवाचार से मेल होगा, और परंपरा को भविष्य-केंद्रित शैक्षिक अनुभव में सहज रूप से बुना जाएगा।
प्रेरणा का महत्व एवं निहितार्थ
प्रेरणा वडनगर की अदम्य जीवटता के जयघोष का प्रतीक है, एक जीवंत शहर जिसने भूकंप और प्राकृतिक आपदाओं जैसी चुनौतियों पर विजय प्राप्त की है। इस विद्यालय का पुनरुद्धार इस तथ्य का सूचक है कि सबसे असाधारण जीवन भी साधारण नींव पर ही निर्मित होता है। इस विद्यालय ने हमें हमारे प्रिय प्रधान मंत्री श्री नरेंद्र मोदी दिए हैं जो विद्यालय और वडनगर द्वारा उन्हें प्रदान किए गए वातावरण के प्रतिबिंब की तरह हैं। इसका दर्शन न केवल वर्तमान बल्कि प्राचीन ज्ञान प्रणाली से भी प्रेरित है जो मूल्यों को सुदृढ़ करेगा और ऐसे अनुभव सृजित करेगा जो प्रेरणा के बाहर भी प्रतिभागियों को प्रेरित करते रहेंगे।
प्रेरणा ऐसा पहला विद्यालय होगा, जो अपने अभिनव और आकर्षक पाठ्यक्रम के कारण प्रतिभागियों को एक विशिष्ट अनुभव प्रदान करेगा। यह एक नवीन व अग्रणी अवधारणा है जो पारम्परिक शिक्षण से इतर इस तथ्य पर आधारित है कि वास्तविक शिक्षा पाठ्यपुस्तकों और कक्षाओं तक सीमित नहीं होती है।
जीवन मूल्य आधारित कक्षाएं
इस पाठ्यक्रम के केंद्र में मूल्य-आधारित शिक्षा का दर्शन है जो राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के मूल तत्वों में से एक है। प्रेरणा छात्रों को एक सप्ताह के कार्यक्रम के माध्यम से नवीनतम तकनीक और व्यावहारिक गतिविधियों के माध्यम से इन मूल्यों को अनुभव और आत्मसात करने का अवसर प्रदान करेगा। कक्षाएँ नौ विषयों पर आधारित होंगी जो गतिविधि-आधारित शिक्षा के माध्यम से आनंदमय और सार्थक अधिगम के लिए विशिष्ट अवसर प्रदान करती हैं।
9 जीवनमूल्यों का विस्तार 8 कक्षाओं में होगा। ये मूल्य हैं:
• स्वाभिमान और विनय
• शौर्य और साहस
• परिश्रम और समर्पण
• करुणा और सेवा
• विविधता और एकता
• सत्यनिष्ठा और शुचिता
• नवचार और जिज्ञासा
• श्रद्धा और विश्वास
• स्वतंत्रता और कर्तव्य
प्रतिभागी पुरातात्विक और ऐतिहासिक स्थलों का भी भ्रमण करेंगे जो वडनगर को विशिष्ट बनाते हैं। देश के विभिन्न कोनों से प्रतिभागियों के यहां एकत्रित होने से सांस्कृतिक आदान-प्रदान अनुभव का एक अमूल्य पहलू बन जाता है, जिससे प्रतिभागियों को हमारे देश की विरासत को आकार देने वाली विभिन्न राज्यों की जीवंत परंपराओं के विषय में अंतर्दृष्टि प्राप्त होगी।
पुरातात्विक और विरासत स्थलों के भ्रमण के अलावा, अन्य विविध गतिविधियों की भी योजना बनाई गई है, जिसमें चयनित शिक्षक सलाहकारों के विशेषज्ञ मार्गदर्शन के तहत सीखने के विभिन्न तरीके शामिल होंगे। छात्र प्राचीन भारतीय सभ्यता से लेकर विश्व की शीर्ष 5 अर्थव्यवस्थाओं में से एक बनने और चंद्रमा पर चंद्रयान-3 के उतरने तक देश के विकास और गौरव को भी समझेंगे।
प्रेरणा केवल ज्ञान के प्रसार के बारे में नहीं है, यह आत्म-खोज की गहन भावना को बढ़ावा देता है। भारत की समृद्ध सभ्यता के शाश्वत ज्ञान में निहित, यह विशिष्ट पहल हमारे माननीय प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी के सिद्धांतों और आदर्शों के अनुरूप एक दृष्टिकोण का प्रतीक है। जैसे-जैसे हम इस कार्यक्रम में आगे बढ़ेंगे, हम भारतीय शिक्षा प्रणाली की धारा में पिरोए गए जीवन मूल्यों को विकसित करने के लिए दृढ़ समर्पण से प्रेरित होंगे – ऐसे मूल्य जो समय की कसौटी पर खरे उतरे हैं और जिनसे प्रभावशाली नेतृत्व क्षमता विकसित होती है।
छात्रों को प्रेरणा का हिस्सा बनने के लिए आवेदन क्यों करना चाहिए
प्रेरणा में, व्यक्तियों को न केवल विचारक बनने के लिए प्रशिक्षित किया जाएगा बल्कि निर्णय लेने और टीम निर्माण के बारे में भी सिखाया जाएगा। वे वास्तविक जीवन के नायकों के जीवन के विभिन्‍न पहलुओं को समझेंगे जिन्होंने इन जीवन मूल्यों को अपने जीवन में उतारा है, और ये जानेंगे कि कैसे उनके कार्यों ने देश और दुनिया को बदल दिया है। जब वे एक सप्ताह का प्रेरणा कार्यक्रम पूरा कर लेंगे, तब उनके पास मात्र एक प्रमाणपत्र ही नहीं होगा बल्कि वे जहां भी जाएंगे वहां सकारात्मक प्रभाव डालने की क्षमता उनके पास होगी।
कार्यक्रम में भाग लेने और विविध इनपुट प्राप्त करने के बाद, प्रतिभागी अपने स्कूलों में वापस जाएंगे और प्रेरणा में अपनाए गए मूल्यों और अनुभवों के अग्रदूत बन जाएंगे। ये छात्र प्रेरणा से सीखे गए गुणों को अपने समुदायों में ले जाएंगे, परिवर्तन लाने वाले बनेंगे, सकारात्मक बदलाव लाएंगे और दूसरों को प्रेरित करेंगे। प्रतिभागियों का चयन एक आसान तीन-चरणीय प्रक्रिया के बाद किया जाएगा, जिसका विवरण "प्रतिभागियों का चयन" अनुभाग के अंतर्गत दिया गया है। यह चयन प्रक्रिया हमारे राष्ट्र के भविष्य को आकार देने के लिए गहरे जुनून और अटूट उत्साह से प्रेरित, पूर्ण व्यक्तित्व वाले, कक्षा 9 से 12 तक के छात्रों को प्राथमिकता देगी। छात्रों के साथ उसी जिले के एक अभिभावक शिक्षक भी कार्यक्रम में रहेंगे।
आइए, पोर्टल पर पंजीकरण करें, कार्यक्रम में शामिल हों और स्वयं अनुभव करें।

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